Hindi Jokes

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मछली पकड़ने का लाइसेंस!
बंता मछलियाँ पकड़ने में काफी माहिर था और बड़ी बड़ी मछलियाँ पकड़ने के लिए मशहूर था, एक दिन वो बड़ी सी मछली पकड़कर टोकरी में लेकर घर की तरफ आ रहा था तभी मत्स्य अधिकारी ने उसे रोका और पूछा क्या तुम्हारे पास मछली पकड़ने का लाइसेंस है!

बंता ने जवाब दिया लाइसेंस? कैसा लाइसेंस?

लाइसेंस की तो कोई जरुरत ही नहीं है ये तो मेरी पालतू मछली है!

पालतू मछली? मत्स्य अधिकारी ने पूछा!

बंता ने जवाब दिया जी हाँ सर ‘पालतू’ हर रात को मैं इसे इस झील में डाल देता हूँ और थोड़ी देर के बाद मैं एक सीटी बजाता हूँ और ये कूदकर झील के किनारे पर आ जाती हैं और टोकरी में डालकर घर ले जाता हूँ!

ये तो तुम मेरा सरेआम बेवकूफ बना रहे हो मछली ऐसा कर ही नहीं सकती!

बंता ने अधिकारी से कहा कि आप ये चाहते हैं कि मैं आपको ये सब करके दिखाऊँ!

मत्स्य अधिकारी ने उत्सुकता से कहा कि बिल्कुल जरुर देखना चाहूँगा!

बंता ने मछली को पानी में डुबो दिया और वहीँ खड़ा हो गया थोड़ी देर वहीँ रुकने के बाद मत्स्य अधिकारी ने बंता से कहा: फिर?

बंता: फिर क्या?
अधिकारी ने पूछा तो तुम अपनी मछली को वापिस नहीं बुला रहे हो!

बंता ने कहा: मछली?… कौन सी मछली?





उदास क्यों हो?
संता और बंता कई दिनों बाद मिले संता कुछ उदास सा लग रहा था और आँखों में आंसू थे।

बंता ने पूछा, “अरे तुम तो ऐसे लग रहे हो जैसे तुम्हारा सुब कुछ लुट गया हो क्या बात है?”

संता ने कहा, “अरे क्या बताऊँ तीन हफ्ते पहले मेरे अंकल गुजर गए और मेरे लिए 50 लाख रूपए छोड़ गए।”

बंता: तो इसमें बुरी बात क्या है?

संता ने कहा: और सुनो दो हफ्ते पहले मेरा एक चचेरा भाई मर गया जिसे मैं जानता भी नहीं था वो मेरे लिए 20 लाख रूपए छोड़ गया।

बंता ने कहा: ये तो अच्छा हुआ।

बंता ने कहा: पिछले हफ्ते मेरे दादाजी नहीं रहे और वो मेरे लिए पूरा 1 करोड़ छोड़ गए।

बंता ने कहा: ये तो और भी अच्छी बात है पर तुम इतना उदास क्यों हो?

संता ने कहा: इस हफ्ते कोई भी नहीं मरा।

कहीं शुरू न हो जाये!
एक बार संता शाम को घर आया, टी. वी. चालू किया और सोफे पर बैठते ही जीतो से बोला, “इससे पहले की शुरू हो जाये जल्दी से मेरे लिए चाय लेकर आओ।”

जीतो को कुछ अजीब लगा पर वो चाय बना कर ले आई।

चाय पीते-पीते संता दोबारा जीतो से बोला, “इससे पहले शुरू हो जाये, मेरे लिए कुछ खाने के लिए भी लेकर आओ।”

जीतो को थोड़ा गुस्सा आया पर उसने संता को कुछ खाने के लिए भी दे दिया और वापस अपने काम में लग गयी।

थोड़ी देर बाद संता दोबारा बोला, “इससे पहले की शुरू हो जाये, यह बर्तन उठाओ यहाँ से।”

जीतो का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया और संता पर चिल्लाते हुए बोली, “मैं तुम्हारी कोई नौकरानी नहीं हूँ, जो मुझ पर इस तरह अपना हुकुम चला रहे हो। जब से आओ कुछ न कुछ हुकुम किये जा रहे हो जैसे यहाँ कोई तुम्हारा गुलाम है।”

संता उठा और गहरी सांस लेते हुए बोला, “लो शुरू हो गया।”

टीचर: बिजली कहा से आती है?
पप्पू: नानी के घर से!
टीचर: किसने कहा?
पप्पू: पापा कहते है सालों ने बिजली काट दी

कई दुकानदार अख़बारों को काट कर लिफाफे बना लेते हैं लेकिन कई बार जोड़ लगाते समय दो अखबारों की खबरें इस तरह जुड़ जाती हैं कि उनके मतलब कुछ और के और ही बन जाते हैं।

कुछ नमूनें देखें:



1. अमरीका के राष्ट्रपति… कानपुर के पास चोरी की भैंसों समेत गिरफ्तार

2. अमरीकी फौजों द्वारा इराक की जेलों में… चमेली बाई के साथ भंगड़े की क्लासें 23 जुलाई से शुरू

3. अफगानिस्तान की जेलों में छिपे लादेन को… पंजाब सरकार की ओर से बुढ़ापा पेंशन देने का ऐलान

3. मुख्यमंत्री के घर पर… भैंस ने छ: टाँगों वाले बच्चे को जन्म दिया

4. अपने हरमन प्यारे नेता को वोट डालकर… मर्दाना ताकत हासिल करें

5. अटल बिहारी वाजपेयी ने ज़ोर देकर कहा… एक सुन्दर और सुशील कन्या की ज़रूरत

6. तिहाड़ जेल से छ: कैदी फरार… भारत को ओलंपिक्स में सोने के तमगे की उम्मीद

7. क्या आपकी नज़र कमज़ोर है? आज ही आयें… ठेका देशी शराब

8. बे-औलाद दंपत्ति परेशान न हों… 7 तारीख को आ रहे हैं लालू प्रसाद आपके शहर में

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