Santa Banta Jokes in Hindi

Santa Banta Jokes in Hindi

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santa banta jokes in hindi
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यमराज (संता से): तुम्हारी कोई आखिरी ख्वाहिश है?
संता: हाँ है!
मैं मनमोहन सिंह को नरेंद्र मोदी की शादी में सलमान खान की पत्नी से बात करते हुए देखना चाहता हूँ!
यमराज बेहोश !!

संता एक बार किसी कंपनी में जॉब के लिए इंटरव्यू देने गया
बंता सिंह (मेनेजर): आपकी शादी हो गयी?
संता: जी हाँ, एक लड़की से हुई
मेनेजर: शादी तो लड़की से ही होती है!!
संता: नहीं जी, मेरी बहिन की शादी तो लड़के से हुई है!




संता ने बंता को हिंदी SMS भेजा
भेजने वाला महान, पढ़ने वाला गधा.
बंता गुस्से में वापिस sms भेजता है:
भेजने वाला गधा, पढ़ने वाला महान!!

ट्रैफिक इंस्पेक्टर संता पंजाब हाईवे पर अकेले अपनी मोटरसाइकल पर बैठा था…!
तभी हरियाणा से आती हुयी एक कार ने बॉर्डर क्रॉस किया…!!
संता ने रुकने का इशारा किया…
और जब कार रुकी तो टहलता हुआ ड्राइवर की खिड़की पर दस्तक दिया…!
एक नवयुवक जो गाड़ी चला रहा था…
उसने शीशा नीचा कर सर बाहर निकाल कर पूछा:
“क्या बात है इंस्पेक्टर…?”
संता ने एक झापड़ उसके गाल पर रसीद किया…
युवक: “अरे, मारा क्यों…?”
संता: “जब पंजाब पुलिस का ट्रैफिक इंस्पेक्टर संता किसी गाड़ी को रुकने कहता है…
तो ड्राइवर को गाड़ी के कागजात अपने हाथ में रखा हुआ होना चाहिए…!”
युवक: “सारी इंस्पेक्टर…….
मैं पहली बार पंजाब आया हूँ….!”
फिर उसने ग्लव कंपार्टमेंट से पेपर्स निकाल कर दिखाये..!
संता ने पेपर्स का मुआयना किया फिर बोला:
“ठीक है….रख लो….!”
फिर घूमकर पैसेन्जर सीट की ओर गया और शीशा ठकठकाया…!!
पैसेन्जर सीट पर बैठा दूसरा युवक शीशा गिराकर सर बाहर निकाल कर पूछा :-
“हाँ बोलिए….?”
तड़ाक…!
एक झापड़ संता ने उसे भी मारा..!
“अरे ….! मैंने क्या किया …?”
संता: “ये तुम्हारी हेकड़ी उतारने के लिए…!”
युवक:- “पर मैंने तो कोई हेकड़ी नहीं दिखाई…?”
संता :- “अभी नहीं दिखाई, पर मैं जानता हूँ….
एक किलोमीटर आगे जाने के बाद तुम अपने दोस्त से कहते
“वो दो कौड़ी का इंस्पेक्टर मुझे मारा होता…. तो बताता….!”

जेलर: तुम्हे कल सुबह 5 बजे फांसी दी जाएगी!
संता सरदार: हाहाहाहाहा
जेलर: क्या हुआ, हंस क्यों रहे हो?
संता सरदार: मैं तो उठता ही सुबह 9 बजे हूँ..




संता: पंडित जी, मेरी शादी नहीं हो रही है..
कोई उपाय बताओ।
.
.
.

पंडित जी: सबसे पहले, बड़ो से ‘सदा सुखी रहो’ के आशीर्वाद लेना बंद करो.

बंता: यार ये रामदेव बाबा वाला नूडल्स खरीदा है,
इनको खाना कैसे है ?
संता: एक नाक बंद करके दूसरी नाक से अंदर खींचना हैं.

डॉक्टर: अच्छे स्वास्थ्य के लिए रोजाना व्यायाम किया करो
संता: जी मैं रोजाना क्रिकेट और फुटबाल खेलता हूँ!
डॉक्टर: कितनी देर खेलते हो?
संता: जब तक मोबाइल की बैटरी खत्म नहीं हो जाती!!

संता और बंता आठवीं में आठवीं बार फ़ैल हो गए
संता: चल खुदखुशी कर लेते हैं
बंता: साले, पागल हो गया है??
अगले जनम में फिर नर्सरी से शुरू करना पड़ेगा!!!

मनमोहन सिंह सब्जी खरीदने गए।
मनमोहन सिंह: भिन्डि क्या भाव है?
सब्जीवाला: अब रुलाएगा क्या पगले?
मुफ्त में ले जा, पहली बार आवाज सुनी है तेरी।
नरेंद्र मोदी सब्ज़ी खरीदने गए।
नरेंद्र मोदी: भिन्डि क्या भाव है?
सब्जीवाला : अब रुलाएगा क्या पगले?
मुफ्त में ले जा, इलेक्शन क बाद पहली बार इंडिया में दिखा
राहुल गांधी सब्जी खरीदने गए|
राहुल गांधी : भिन्डी क्या भाव है?
सब्जी वाला : अब रूलाएगा क्या पगले?
मुफ्त मे ले जा| ये भिन्डी नही मटर है
Question- सब्जी वाला कौन था??
अब रूलाओगे क्या यह पूछ के…
इतना सब मुफ्त में केजरीवाल के इलावा और कौन दे सकता है!




संता: यह सदाचार क्या होता है?
बंता: जैसे आम का अचार होता है, वैसे सादा आचार होता है! :
संता: यह अनुशासन क्या होता है?
बंता: जैसे दुशासन होता है, वैसे ही अनुशासन होता है !!

संता और बंता आठवीं में आठवीं बार फ़ैल हो गए
संता: चल खुदखुशी कर लेते हैं
बंता: साले, पागल हो गया है??
अगले जनम में फिर नर्सरी से शुरू करना पड़ेगा!!!

संता पैराशूट बेच रहा था…
हवाई जहाज से कूदो, बटन दबाओ और जमीन पर सुरक्षित पहुंच जाओ…
ग्राहक: अगर पैराशूट नहीं खुला तो…
संता: तो पैसे वापिस…

संता अंग्रेजी सीख रहा था…
संता: यार बंता… “I am going” का मतलब क्या होता है?
बंता: मैं जा रहा हूँ
संता: अबे ऐसे कैसे जाएगा…
साला २० लोगो से पूछ चूका हूँ, सब चले जाने की बात करते हैं… जवाब बता का जा!!




एक पागलखाने में एक डॉक्टर सुबह सुबह मरीजों के चैकअप के लिए निकल पड़ा उसने देखा संता ऐसे दिखा रहा है कि वह लकड़ियाँ काटने का काम कर रहा है और बंता सीलिंग के साथ उल्टा लटका हुआ है!
डॉक्टर ने पूछा अरे संता क्या कर रहे हो?
संता ने कहा दिखाई नहीं देता लकड़ियाँ काट रहा हूँ!
डॉक्टर ने संता से फिर पूछा और ये बंता क्या कर रहा है?
संता ने कहा ये तो पागल हो गया है ये समझ रहा है कि ये बल्ब है इसलिए उल्टा लटका है!
डॉक्टर ने उल्टे लटके हुए बंता को देखा तो उसका चेहरा पूरा लाल हो गया था डॉक्टर ने संता से कहा अरे,
ये तुम्हारा दोस्त है इस से पहले कि इसके साथ कुछ गलत हो तुम्हें इसे नीचे उतारना चाहिए!
संता फिर में अँधेरे में काम कैसे करूँगा?

एक बार एक औरतो से भरी बस का बहुत ही बुरी तरह से एक्सीडेंट हो गया, और उसमे सवार सभी औरतें मर गयी।
यह खबर सुन कर उन सभी औरतों के पति घटनास्थल पर पहुंचे और बड़ी जोर जोर से रोने लगे।
यह सब देख संता जोकि उन आदमियों के साथ घटनास्थल पर गया था वह भी रोने लगा।
परन्तु कुछ देर बाद जब वे सभी आदमी रो कर चुप हो गए तो संता फिर भी रोता रहा,
यह देख कर एक आदमी संता के पास आया और उससे बोला,” क्या हुआ भाई क्या तुम्हारी पत्नी भी इस एक्सीडेंट में मर गयी है क्या?”
संता: नहीं?
आदमी: तो फिर तुम क्यों इतनी जोर-जोर से रो रहे हो?
संता: क्योंकि मेरी बीवी की यही बस बस छूट गयी थी।




संता बाज़ार में दरी बेचने वाली दुकान पर गया और साथ पप्पू को भी ले गया।
संता: मुझे एक बढ़िया दरी चाहिए।
दुकानदार: जी ज़रूर।
दुकानदार ने तरह-तरह की दरियां दिखाई।
अंत में संता को एक दरी पसंद आ गयी।
संता: मुझे यह वाली पसंद है, मैं इसे अभी अपने साथ ले जाता हूँ। यदि यह कमरे में ठीक-ठीक आ गयी तो रख लूंगा नहीं तो वापिस भेज दूंगा।
दुकानदार ने विश्वास कर लिया और बोला: अगर आपने वापिस करनी है तो कल शाम तक वापिस भेज दीजियेगा।
इतने में पप्पू बोला: कोई दिक्कत नहीं अंकल, हमारे यहाँ पार्टी तो आज रात को है।

संता और बंता कई दिनों बाद मिले संता कुछ उदास सा लग रहा था और आँखों में आंसू थे।
बंता ने पूछा, “अरे तुम तो ऐसे लग रहे हो जैसे तुम्हारा सुब कुछ लुट गया हो क्या बात है?”
संता ने कहा, “अरे क्या बताऊँ तीन हफ्ते पहले मेरे अंकल गुजर गए और मेरे लिए 50 लाख रूपए छोड़ गए।”
बंता: तो इसमें बुरी बात क्या है?
संता ने कहा: और सुनो दो हफ्ते पहले मेरा एक चचेरा भाई मर गया जिसे मैं जानता भी नहीं था वो मेरे लिए 20 लाख रूपए छोड़ गया।
बंता ने कहा: ये तो अच्छा हुआ।
बंता ने कहा: पिछले हफ्ते मेरे दादाजी नहीं रहे और वो मेरे लिए पूरा 1 करोड़ छोड़ गए।
बंता ने कहा: ये तो और भी अच्छी बात है पर तुम इतना उदास क्यों हो?
संता ने कहा: इस हफ्ते कोई भी नहीं मरा।

मुसीबत में अगर मदद मांगो तो सोच कर माँगना क्योंकि मुसीबत थोड़ी देर की होती है और एहसान जिंदगी भर का।
मशवरा तो खूब देते हो “खुश रहा करो” कभी कभी वजह भी दे दिया करो।
कल एक इंसान रोटी मांगकर ले गया और करोड़ों की दुआयें दे गया, पता ही नहीं चला कि गरीब वो था या मैं।
गठरी बाँध बैठा है अनाड़ी साथ जो ले जाना था वो कमाया ही नहीं।
मैं उस किस्मत का सबसे पसंदीदा खिलौना हूँ, वो रोज़ जोड़ती है मुझे फिर से तोड़ने के लिए।
जिस घाव से खून नहीं निकलता, समझ लेना वो ज़ख्म किसी अपने ने ही दिया है।
बचपन भी कमाल का था खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें या ज़मीन पर, आँख बिस्तर पर ही खुलती थी।
खोए हुए हम खुद हैं, और ढूंढते भगवान को हैं।
अहंकार दिखा के किसी रिश्ते को तोड़ने से अच्छा है कि माफ़ी मांगकर वो रिश्ता निभाया जाये।
जिन्दगी तेरी भी अजब परिभाषा है, सँवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है।
खुशीयाँ तकदीर में होनी चाहिये, तस्वीर में तो हर कोई मुस्कुराता है।
ज़िंदगी भी वीडियो गेम सी हो गयी है, एक लैवल क्रॉस करो तो अगला लैवल और मुश्किल आ जाता है।
इतनी चाहत तो लाखो रु. पाने की भी नही होती, जितनी बचपन की तस्वीर देखकर बचपन में जाने की होती है।
हमेशा छोटी छोटी गलतियों से बचने की कोशिश किया करो, क्योंकि इंसान पहाड़ो से नहीं पत्थरों से ठोकर खाता है।

एक बार संता शाम को घर आया, टी. वी. चालू किया और सोफे पर बैठते ही जीतो से बोला, “इससे पहले की शुरू हो जाये जल्दी से मेरे लिए चाय लेकर आओ।”
जीतो को कुछ अजीब लगा पर वो चाय बना कर ले आई।
चाय पीते-पीते संता दोबारा जीतो से बोला, “इससे पहले शुरू हो जाये, मेरे लिए कुछ खाने के लिए भी लेकर आओ।”
जीतो को थोड़ा गुस्सा आया पर उसने संता को कुछ खाने के लिए भी दे दिया और वापस अपने काम में लग गयी।
थोड़ी देर बाद संता दोबारा बोला, “इससे पहले की शुरू हो जाये, यह बर्तन उठाओ यहाँ से।”
जीतो का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया और संता पर चिल्लाते हुए बोली, “मैं तुम्हारी कोई नौकरानी नहीं हूँ, जो मुझ पर इस तरह अपना हुकुम चला रहे हो।
जब से आओ कुछ न कुछ हुकुम किये जा रहे हो जैसे यहाँ कोई तुम्हारा गुलाम है।”
संता उठा और गहरी सांस लेते हुए बोला, “लो शुरू हो गया।”

एक दिन संता थका हारा डॉक्टर के पास आता है और डॉक्टर से कहता है डॉक्टर साहब मेरे पड़ोस में बहुत सारे कुत्ते है जो रात दिन भौंकते रहते है जिस कारण में एक घड़ी के लिए भी नहीं सो पाता।
डॉक्टर ने कहा इसमें कोई चिंता की बात नहीं है मैं तुम्हें कुछ नींद की गोलियां दे देता हूँ वे इतनी असरदार है कि तुम्हें पता ही नहीं चलेगा कि तुम्हारे पड़ोस में कोई कुत्ता है भी या नहीं। ये दवाइयाँ तुम ले जाओ और अपनी परेशानी दूर करो।
कुछ हफ्ते बाद संता वापस डॉक्टर के पास आया और पहले से ज्यादा परेशान लग रहा था और डॉक्टर से कहने लगा डॉक्टर साहब आपकी योजना ठीक नहीं थी अब तो मैं पहले से ज्यादा थक गया हूँ।
डॉक्टर मैं नहीं जानता कि ये कैसे हो गया पर जो दवाईयां दी थी वे नींद आने की सबसे बढ़िया गोलियां थी चलो फिर भी आज मैं तुम्हें उससे भी ज्यादा असरदार गोलियां देता हूँ।
संता: क्या ये सचमुच असर करेंगी पर मैं सारी रात कुतों को पकड़ने में लगा रहता हूँ और मुश्किल से अगर एक-आध को पकड़ भी लूँ तो उसके मुहं में गोली डालना बहुत मुश्किल हो जाता है।




एक बार दो दोस्त गोरखपुर से दिल्ली जा रहे थे।
डिब्बे में भीड़ ज्यादा थी तो उन्हें सीट नहीं मिल रही थी तो सीट के लिए उन्हें शरारत सूझी।
उन्होंने अपने बैग से रबड़ का एक सांप निकाला और चुपके से डिब्बे में छोड़ दिया और चिल्लाने लगे।
सांप… सांप!
थोड़ी देर में डिब्बा खाली हो गया और उन्होंने जल्दी से बिस्तर जमाकर जगह रोक ली।
सुबह जब आंख खुली, तो पांच बजे थे और गाड़ी किसी स्टेशन पर खड़ी थी।
उन्होंने खिड़की से बाहर झांककर रेलवे के कर्मचारी से पूछा: यह कौन सा स्टेशन है?
जवाब मिला: गोरखपुर।
उन्होंने पूछा: क्या गाड़ी दिल्ली नहीं गई?
कर्मचारी बोला: गाड़ी तो दिल्ली गई, लेकिन इस डिब्बे में सांप निकलने के कारण इस डिब्बे को काट दिया गया।

कृपया इसे ध्यान से पढ़ें:

कामवाली को तनख्वाह दे दी है ज्यादा दानवीर मत बनना।
आपको कितनी बार बताया है कि पडोसन का अख़बार वाला, दूध वाला और लॉन्ड्री वाला हमसे अलग है।
हर रोज़ सुबह पूछने मत पहुँच जाना कि अख़बार आया कि नही।
अलमारी में बायीं तरफ पर आपकी बनियान-चड्डी रखी है, दायीं तरफ पर मुन्ने की हैं,
पिछली बार की तरह उसकी मत पहन लेना नहीं तो फिर सारा दिन ऑफिस में ऊपर नीचे खींचते रहोगे।
चश्मा सही जगह पर रखना, पिछली बार मैं 5 दिन बाद आई थी तो फ्रिज के अंदर से मिले थे।
अपना मोबाइल भी संभाल कर रखना। पिछली बार बाथरूम में साबुन की जगह मिला था।
मुझे तो आज तक यह पता नही चल सका कि बाथरूम में मोबाइल का क्या काम होता है।
और हाँ, अपने सगे-संबंधियों और यार-दोस्तों को ज्यादा जमा मत करना,
पिछ्ली बार सोफे के कवर से कितने सारे मूंगफली के छिलके निकले थे।
और ज्यादा उछलने की ज़रुरत नही है, मैं कभी भी अचानक आ सकती हूँ, खयाल रखना।

प्याज़ के रुलाने का कारण!

जब भगवान सारी सब्जियों को उनके गुण और सुगंध बांट रहे थे तब प्याज चुपचाप उदास होकर पीछे खड़ी हो गई।
सब चले गए प्याज नहीं गई। वहीँ खड़ी रही। तब विष्णुजी ने पूछा, “क्या हुआ तुम क्यों नही जाती?”
तब प्याज रोते हुए बोली, “आपने सबको सुगंध और सुंदरता जैसे गुण दिए पर मुझे बदबू दी।
जो मुझे खाएगा उसका मुँह बदबू देगा। मेरे साथ ही यह व्यवहार क्यों?”
तब भगवान को प्याज पर दया आ गई। उन्होने कहा, “मैं तुम्हे अपने शुभ चिन्ह देता हूँ।
यदि तुम्हें खड़ा काटा जायेगा तो तुम्हारा रूप शंखाकार होगा और यदि आड़ा काटा गया तो चक्र का रूप होगा।
यही नहीं सारी सब्जियों को तुम्हारा साथ लेना होगा, तभी वे स्वादिष्ट लगेंगी और अंत में तुम्हे काटने पर लोगों के वैसे ही आंसू निकलेंगे जैसे आज तुम्हारे निकले हैं।
जब जब धरती पर मंहगाई बढ़ेगी तुम सबको रुलाओगी।
दोस्तों इसीलिए प्याज आज इतना रुला रही है उसे वरदान जो प्राप्त है।
परम ज्ञानी गुरु बाबा बकवास नंद के प्रवचनों से साभार!

अध्यापिका पप्पू से: तुम इतने परेशान क्यों हो?
पप्पू ने कोई जवाब नहीं दिया।
अध्यापिका: क्या हुआ, क्या तुम अपना पेन भूल आये हो?
पप्पू फिर चुप।
अध्यापिका ने फिर से सवाल किया: रोल नंबर भूल गए हो?
पप्पू इस बार भी चुप।
अध्यापिका फिर से: हुआ क्या है, कुछ तो बताओ क्या भूल गए?
पप्पू गुस्से से: ओये! चुप कर मेरी माँ, यहाँ मैं पर्ची गलत ले आया हूँ और तुझे पेन-पेंसिल और रोल नंबर की पड़ी हुई है।



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