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जिसकी एक आवाज़ पर मुंबई थम जाती थी पर बनी फिल्म का आ गया ट्रेलर

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बाला साहेब ठाकरे की बायोपिक ‘ठाकरे’ का ट्रेलर आ गया है. फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी लीड रोल कर रहे हैं. कुछ ही महीनों के अंतराल में ये उनकी दूसरी बायोपिक फिल्म है. इससे पहले उन्होंने सआदत हसन मंटो के जीवन पर बनी फिल्म ‘मंटो’ में उनका किरदार निभाया था. उस फिल्म में उनके काम की चहुंओर तारीफ हुई थी. अब वो बाला ठाकरे का रोल कर रहे हैं. फिल्म का ट्रेलर आने के बाद से हर ओर इसी की चर्चा हो रही है. कई विवाद भी इसके साथ जुड़ गए हैं. आइए जानते हैं कि हमें इस फिल्म में क्या देखने को मिलने वाला है और विवाद किन मसलों पर हो रहा है?

# ‘ठाकरे’ को बेसिकली एक प्रचार फिल्म माना सकता है. क्योंकि फिल्म के राइटर और प्रोड्यूसर हैं संजय राउत. संजय शिवसेना के नेता हैं और महाराष्ट्र सरकार में कई बड़े पदों पर रह चुके हैं. ‘ठाकरे’ को डायरेक्ट किया है अभिजीत पानसे ने. अभिजीत इससे पहले 2014 में आई मराठी फिल्म ‘रेगे’ डायरेक्ट कर चुके हैं और ‘स्ट्रगल स्टोरीज़’ नाम की मिनी टीवी सीरीज़ लिख चुके हैं.


Movie Review: ‘ठाकरे’ फिल्म उनके लिए जो ‘बाला साहेब’ से प्यार करते हैं

Thackeray Official Trailer

इस फिल्म में हमें बाला ठाकरे की पूरी कहानी जानने को मिलेगी. ऐसा मेकर्स का कहना है. लेकिन फिल्म कितनी बायस्ड या ऑथेंटिक होती है, ये फिल्म की रिलीज़ के बाद ही पता चलेगा. जहां तक ट्रेलर का सवाल है, तो इसमें उन सभी विवादों का ज़िक्र आपको देखने को मिलता है, जिनसे बाला ठाकरे को महाराष्ट्र में मजबूत जमीन मिली. चाहे वो बाबरी मस्जिद वाले मसले पर शिवसेना के विचार हों, मुंबई दंगों की बात हो, तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई से रार ठानने की बात हो या इमरजेंसी के दौरान इंदिरा गांधी को सपोर्ट करना हो.
जिस शिवसेना की नींवबाला ठाकरे ने रखी थी, उसे समझने के लिए एक आसान तरीका है. ये वही पार्टी है, जो महाराष्ट्र से उत्तर भारतीयों खासकर यूपी-बिहार के लोगों को खदेड़ने का काम करती है. लोगों को महाराष्ट्र से खदेड़ने की शुरुआत साउथ इंडियन लोगों से हुई थी. बाला ठाकरे को लगता था कि बाहर से आए लोगों की वजह से उनके राज्य के लोगों को काम नहीं मिल रहा. इसलिए उन्होंने दूसरे राज्य के लोगों को बाहर भगाने के लिए हिंसा करना शुरू कर दिया. फिल्म के ट्रेलर में हमें उससे भी जुड़ी चीज़ें देखने-सुनने को मिलती हैं.

फिल्म का ट्रेलर आया ही था कि सेंसर बोर्ड ने इसके तीन डायलॉग्स पर आपत्ति जता दी है. साउथ इंडियन लोगों और बाबरी मस्जिद से जुड़े तीन डायलॉग्स पर सेंसर बोर्ड ने आपत्ति जाहिर की है. फिल्म के राइटर और प्रोड्यूसर संजय राउत ने इसका जवाब दिया है. उन्होंने कहा-
‘जैसे बालासाहेब कंट्रोवर्सियल फिगर थे, लेकिन उनके तरीकों ने देश को नई राह दिखाई थी. बालासाहेब पर बनी फिल्म भी उसी तरह की होनी चाहिए. ये कोई लव स्टोरी नहीं है, जिसे कांट-छांट के बाद रिलीज़ किया जाएगा. फिल्म बिना किसी कट या बदलाव के रिलीज़ की जाएगी.’
ठाकरे’ के ट्रेलर से जुड़ा एक चीज़ ये भी थी कि शुरुआती कुछ घंटों तक इस पर कोई व्यक्ति अपनी प्रतिक्रिया जाहिर नहीं कर पा रहा था. क्योंकि यूट्यूब पर कमेंट करने की सुविधा बंद कर दी गई थी. देशभर में अभिव्यक्ति की आज़ादी की लड़ाई चल रही है, जिसे सोशल मीडिया के माध्यम से बहुत माइलेज मिलता है. यहां सोशल मीडिया पर भी आपको अपनी बात कहने से रोका जा रहा था. अगर कहे का भरोसा नहीं है, तो स्क्रीनशॉट देखकर तसल्ली कर लीजिए. हालांकि बाद में कमेंट सेक्शन खोल दिया गया.
फिल्म में नवाजुद्दीन के अलावा अमृता राव, अब्दुल कादिर अमीन, लक्ष्मण सिंह, अनुष्का जाधव और निरंजन जाविर जैसे एक्टर्स भी दिखाई देंगे. ‘ठाकरे’ बाला ठाकरे की 93वीं जयंती के मौके पर यानी 25 जनवरी को रिलीज़ की जाएगी. इसी दिन कंगना रनौत स्टारर ‘मणिकर्णिका’ भी लग रही है.
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