पद्मावत’ में हुईं ये गलतियां, क्या फिल्म में आपको नजर आईं

पद्मावत’ में हुईं ये गलतियां, क्या फिल्म में आपको नजर आईं

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These mistakes happened in Padmavat, did you see in the movie
कड़े विरोध और आलोचनाओं के बीच डायरेक्टर संजयलीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ रिलीज हो गई है। फिल्म देखने वाले इसकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। फिल्म का आर्टवर्क और खूबसूरती देखते ही बनती है। लेकिन भव्यता और क्रिएटिविटी के बावजूद फिल्म में कई ऐसी गलतियां हैं, जो गौर से देखने पर नजर आती हैं। आपको बता दें कि फिल्म में रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण और शाहिद कपूर लीड रोल में हैं। आज आपको इस पैकेज में फिल्म ‘पद्मावत’ में हुई गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं।

ऐसी है फिल्म में गलतियां…

एक सीन में दिखाया है कि रानी (दीपिका पादुकोण) हाथ में पूजा की थाली लेकर आती है और जैसे ही राजा (शाहिद कपूर) के पास आती है तो राजा उनका एक हाथ थाम लेता है। इसी बीच रानी के कंधे से दुपट्टा गिर जाता है। लेकिन अगले ही सीन में ये दुपट्टा कंधे पर नजर आता है, जबकि रानी के एक हाथ में थाली होती है और दूसरा हाथ राजा ने पकड़ रखा होता है।

फिल्म ‘पद्मावत’ में खिलजी (रणवीर सिंह) मल्ल युद्ध करते हैं, जो इस फिल्म का बेहद खास सीन है। इस सीन को ड्रोन से फिल्माया गया है, इसमें खिलजी के मल्ल युद्ध को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा है और उसकी जय-जयकार कर रहे हैं। लेकिन अगर इस सीन को गौर से देखें तो साफ नजर आता है कि लोगों की जो भीड़ दिखाई जा रही है दरअसल वो भीड़ नहीं है। सिर्फ सामने 2 ही लाइन में लोग खड़े हैं। इसे आप फोटो के जरिए देख सकते हैं।

एक सीन में दिखाया है कि रानी (दीपिका पादुकोण) हाथ में गुलाल की थाली लेकर आती है। इस थाली में रखे गुलाल से हाथ रंगने के बाद राजा (शाहिद कपूर) कपड़े पर अपने हाथ छाप देता है और ऐसा वो कई बार करता है, लेकिन थाली में गुलाल सूखा होता है तो इतने सारे हाथ के छापे वो कैसे लगा सकता है।

फिल्म के एक सीन में दिखाया है कि खिलजी बने रणवीर सिंह कच्चा मांस खा रहे हैं। लेकिन यदि गौर से देखें तो वे सिर्फ मांस को दांत से चबा रहे हैं निगल नहीं रहे हैं।

फिल्म में एक सीन है जिसमें अलाउद्दीन खिलजी यानी रणवीर सिंह शाही पालकी में बैठा है और उनके हाथ में कमल का फूल है। वे इस फूल को सूंघते नजर आ रही हैं। असल में ये फूल नकली है। यह प्लास्टिक का फूल है। फूल को गौर से देखने पर ये नकली भी नजर आता है।

फिल्म में एक सीन है, जिसमें आप देखेंगे कि घोड़े पर सवार होकर दुश्मनों की फौज मैदान में आ रही है, इसी बीच तलवारों के टकराने की आवाज आती है। अब घोड़ों के दौड़ने से भी तलवारों के टकराने की आवाज आती है, ये समझ नहीं आता है।

फिल्म का एक सीन बेहद फनी लगता है। इस सीन में एक झंडे को ढेर सारे लोग उठाने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि झंडा इतना भारी नहीं होता कि इसे इतने सारे लोगों की जरूरत पड़े।

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